जानिए! सूर्य ग्रहण का बारहों राशियों पर क्या होगा प्रभाव और कौन सा उपाय से होगा विशेष लाभ।
आलेख:- आचार्य पं० शुभ दर्शन, ज्योतिषाचार्य
खग्रास सूर्यग्रहण
४ दिसंबर २०२१ (शनिवार)
ग्रहण का प्रारंभ :-
भारतीय मानक (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम) के समयानुसार
प्रातः 11 बजे तथा मोक्ष दिन में 4 बजकर 17 मिनट पर और मध्य दिन में 2 बजकर 33 मिनट पर होगा।
यह सूर्य ग्रहण वृश्चिक राशि में ज्येष्ठा नक्षत्र के अंतर्गत आकार लेने वाला है।
यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
केवल दक्षिण आस्ट्रेलिया, अन्टार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका व प्रशान्त महासागर के कुछ भागों हीं लगेगा।
अतः भारत में सूतक भी मान्य नहीं होगा।
मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, तस्मानिया, मेडागास्कर, दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, दक्षिण जॉर्जिया, नामीबिया, जैसे देश शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर यह ग्रहण दृश्य व मान्य होगा। इनके अतिरिक्त यह सूर्य ग्रहण दक्षिण महासागर और अंटार्कटिका में भी दिखाई देगा।
वैसे तो यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण है जो उपरोक्त स्थानों पर नजर आएगा लेकिन कुछ विशेष क्षेत्रों जैसे कि दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी भागों, हिंद महासागर के कुछ हिस्सों, ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप के दक्षिणी भाग, दक्षिणी अटलांटिक महासागर, अफ्रीकी महाद्वीप के दक्षिण भाग, आदि क्षेत्रों में आंशिक रूप से हीं दृश्य होगा।
मौसम पर भी विशेष प्रभाव पड़ने की संभावना है।
बात करें भारत के मौसम की तो संभवत भारत के पूर्वी इलाकों में तूफान आने की संभावना स्पष्ट बन रही है।
बारहों राशियों पर क्या होगा इसका प्रभाव और क्या उपाय करने की आवश्यकता है, आइये जानते हैं—
मेष- मान-सम्मान को लेकर सचेत रहें, और बिना सोचे-समझे फैसले लेने से बचें।
उपाय:- हनुमान जी की आराधना से विशेष लाभ।
वृष- स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें, और दाम्पत्य जीवन में थोड़ी परेशानी आने की संभावना।
उपाय:- महादेव की आराधना करें और दही और शक्कर से अभिषेक करें।
मिथुन- आपके लिए ग्रहण शुभफलदायक साबित होने की संभावना।
विरोधियों पर भारी पड़ने व सामान्य समस्याओं के हल होने में मन में प्रसन्नता।
उपाय:- हनुमान जी व गणेश जी की आराधना कर बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
कर्क- व्यर्थ के विवाद से विशेष रुप से बचें और पिता की सेवा व सम्मान करने से लाभ।
उपाय:- माता-पिता के आदेश का पालन व सूर्य की आराधना व महादेव को भस्म अर्पित करें।
सिंह- मन में चंचलता और मन के अशांति के कारण तनाव व विवाद की स्थिति बनेगी।
उपाय:- महादेव का जल व दुग्धाभिषेक करें और ॐ नमः शिवाय का जप करें।
कन्या- व्यर्थ चिंता व दुर्जनों के संगति से बने।
उपाय:- सद्बुद्धि के प्रदाता भगवान् गणेश जी की आराधना करने की आवश्यकता।
तुला- व्यर्थ के खर्चे से बचें। दैनिक रूटीन का पालन करने से स्वास्थ्य लाभ। और पिता की सेवा करने से मान-सम्मान व धनलाभ।
उपाय:- पिता की सेवा, और सूर्य की आराधना करें।
ब्राह्मणों को यथासंभव दक्षिणा अवध अर्पित करें।
वृश्चिक- आपको स्वस्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। और व्यर्थ के बोलने से बचें अन्यथा हानि की संभावना।
उपाय:- हनुमान जी की आराधना विशेष रूप से करें और नारायण को काला तिल, तिलकुट शनिवार को अर्पित करें। ब्राह्मणों को भी तिल व गुड़ से बनी सामग्री व यथासंभव दक्षिणा प्रदान करें।
धनु - आर्थिक परेशानी व मानसिक तनाव से बचें। बिना बुजुर्गों के सलाह के कोई कार्य ना करें।
उपाय:- गुरुजनों की सेवा व नारायण को गुड़ का मिष्ठान अर्पित करें।
मकर- नये अवसर को ना छोड़े और व्यर्थ के लोगों से दूर रहें। कार्य के एकाग्रता से लगे रहने से लाभ, बीच में छोड़ने से हानि।
उपाय:- शनिदेव को तेल अर्पित करने और और शिव की उपासना करें।
कुंभ- सम्मान और पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहने से मन प्रसन्न व आनंदित रहेगा। मन में नकारात्मक भावना लाने से बचें। सकारात्मकता के साथ काम को अंजाम देने से सफलता मिलेगी।
उपाय:- माता की खूब सेवा करें। महादेव को दही अर्पित करें, और गौमाता को रोटी-गुड़ अवश्य खिलाएं।
मीन- संतान से तनाव व दाम्पत्य जीवन में विशेष परेशानी। मन दिग्भ्रमित व खिन्न रहेगा।
उपाय:- माता भगवती की आराधना व स्त्री का सम्मान करने की जरूरत।
आलेख:- आचार्य पं० शुभ दर्शन
ज्योतिषाचार्य